Monday, 15 June 2026

अवैध अतिक्रमण, लाउडस्पीकर और घुसपैठ के मुद्दों पर सनातन सेना का आक्रोश, 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी


अवैध अतिक्रमण, लाउडस्पीकर और घुसपैठ के मुद्दों पर सनातन सेना का आक्रोश, 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

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जयपुर। सनातन सेना ने शनिवार को जयपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में राजस्थान में कथित अवैध अतिक्रमण, मजारों, मस्जिदों, लाउडस्पीकरों, अवैध बुचड़खानों और घुसपैठ के मुद्दों को लेकर राज्य की नौकरशाही और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए। संगठन ने विभिन्न मामलों में प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

पत्रकार वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उन प्रशासनिक अधिकारियों और तंत्र के खिलाफ है, जिन पर वे कानून के समान अनुपालन में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं। संगठन ने जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कथित अवैध अतिक्रमणों और धार्मिक संरचनाओं से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की।

सनातन सेना ने मालवीय नगर के नंदपुरी-कैलाशपुरी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मकानों को हटाने और कुछ धार्मिक ढांचों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया। संगठन ने महारानी कॉलेज परिसर में स्थित कथित अवैध मजारों, भाजपा प्रदेश कार्यालय के निकट स्थित एक मजार तथा विधानसभा परिसर से जुड़े मामलों पर भी प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई की मांग की।

संगठन ने टोंक फाटक क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण, मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के उपयोग, सार्वजनिक सड़कों पर नमाज और प्रदेश में संचालित कथित अवैध बुचड़खानों के मुद्दों को भी उठाया। संगठन ने कहा कि सभी मामलों में कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पत्रकार वार्ता के दौरान संगठन की ओर से यह भी दावा किया गया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठिए रह रहे हैं। संगठन ने इस संबंध में विशेष अभियान चलाकर सत्यापन और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक आंकड़े या सरकारी पुष्टि प्रस्तुत नहीं की गई।

सनातन सेना ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जहां भी अवैध अतिक्रमण या कानून का उल्लंघन पाया जाए, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए। संगठन ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती वर्षों में प्रशासनिक स्तर पर कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आगे की रणनीति संगठन की बैठक में तय की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोप और दावे संगठन के हैं। संबंधित मामलों में प्रशासन, पुलिस अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।

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