Thursday, 04 June 2026

दूनी अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिलने से युवक की मौत, आक्रोशित लोगों ने बाजार बंद कर किया प्रदर्शन


दूनी अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिलने से युवक की मौत, आक्रोशित लोगों ने बाजार बंद कर किया प्रदर्शन

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टोंक जिले के दूनी कस्बे में राजकीय चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार रात अस्पताल में चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण समय पर उपचार नहीं मिलने से 36 वर्षीय युवक अनुराग पारीक की मौत हो गई। घटना के बाद गुरुवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित नागरिकों ने बाजार बंद करवाकर विरोध प्रदर्शन किया और दूनी-सरोली मार्ग पर टायर जलाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जानकारी के अनुसार अनुराग पारीक, पुत्र स्वर्गीय कैलाश पारीक, दूनी कस्बे में ई-मित्र केंद्र संचालित करता था। बुधवार रात उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय दूनी लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में कार्यरत तीनों चिकित्सक एक साथ अवकाश पर थे, जबकि नगरफोर्ट से प्रतिनियुक्ति पर तैनात चिकित्सक भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं थे।

परिजनों ने बताया कि उपचार नहीं मिलने के कारण अनुराग को टोंक ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना फैलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

बाजार बंद, सड़क जाम और पांच घंटे तक प्रदर्शन

गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और व्यापारी अस्पताल परिसर और मुख्य मार्गों पर एकत्रित हो गए। लोगों ने दूनी कस्बे का बाजार बंद करवाया तथा दूनी-सरोली मार्ग पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में चिकित्सकों की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देवली उपखंड अधिकारी रुबी अंसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र चौधरी, बीसीएमओ डॉ. मनीष यादव, पुलिस उपाधीक्षक हेमराज चौधरी, तहसीलदार विनोद शर्मा तथा दूनी थानाधिकारी रतन सिंह तंवर सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

करीब पांच घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन और वार्ता के बाद प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच सहमति बनी। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. शैलेन्द्र चौधरी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और अस्पताल व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिलाया।

चिकित्सकों के खिलाफ जांच का आश्वासन

सीएमएचओ ने अस्पताल प्रभारी डॉ. सतीश जोरहवाल, चिकित्सक जितेश शिवनानी तथा नगरफोर्ट से प्रतिनियुक्ति पर तैनात चिकित्सक सचिन के विरुद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने देने का भरोसा भी दिया गया।

प्रशासन की ओर से एक दिन के भीतर मामले में कार्रवाई शुरू करने के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया। हालांकि स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।

मृतक अनुराग पारीक अपने पीछे पत्नी और आठ वर्षीय पुत्र को छोड़ गया है। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार और पूरे कस्बे में शोक का माहौल है।

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