Thursday, 04 June 2026

राजस्थान में 850 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे, 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य


राजस्थान में 850 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे, 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य

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राजस्थान सरकार ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और ऊर्जा क्षेत्र को अधिक आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को विद्युत भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्यभर में 350 स्थानों पर 850 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहन संख्या को देखते हुए प्रदेश में व्यापक चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी पार्किंग स्थलों, सरकारी भवनों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन चार्जिंग स्टेशनों को एक मोबाइल एप से जोड़ा जाएगा, जिससे वाहन चालक अपने आसपास उपलब्ध चार्जिंग सुविधाओं की रियल टाइम जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 33 केवी और 11 केवी सब-स्टेशनों पर बैटरी स्टोरेज सिस्टम विकसित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से सौर ऊर्जा को संग्रहित कर आवश्यकता के समय उपयोग में लिया जा सकेगा, जिससे ऊर्जा प्रबंधन और अधिक प्रभावी होगा।

2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय कृषि बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में 26 जिलों में दिन के समय कृषि बिजली आपूर्ति शुरू की जा चुकी है, जबकि शेष जिलों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।

उन्होंने कहा कि उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस एनर्जी स्टेट बनाया जा सके।

रिकॉर्ड मांग के बावजूद नहीं हुई बिजली कटौती

हीरालाल नागर ने बताया कि 27 मई को रात 11:30 बजे प्रदेश में इस वर्ष की सर्वाधिक 17,333 मेगावाट बिजली मांग दर्ज की गई थी। उस समय उपलब्धता 17,353 मेगावाट रही, जिसके कारण किसी प्रकार की लोड शेडिंग या बिजली कटौती की आवश्यकता नहीं पड़ी।

उन्होंने कहा कि बेहतर ऊर्जा प्रबंधन, समय पर रखरखाव और पर्याप्त कोयला उपलब्धता के कारण उत्पादन निगम ने 2 जून को 7,171 मेगावाट उपलब्धता और 94.7 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) का रिकॉर्ड दर्ज किया। वहीं सूरतगढ़ तापीय विद्युत परियोजना ने 2,790 मेगावाट बिजली उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।

ऊर्जा मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार की योजनाओं से आने वाले वर्षों में राजस्थान स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

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