



जयपुर के रामगंज क्षेत्र स्थित चीता वालों का मोहल्ला में निर्माण के दौरान एक ओर झुक गई छह मंजिला इमारत को नगर निगम ने गुरुवार को नियंत्रित कार्रवाई के तहत ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 10:18 बजे जैसे ही भवन को गिराया गया, पूरे क्षेत्र में तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और बड़ी मात्रा में धूल का गुबार फैल गया।
प्रशासन ने इमारत गिराने से पहले व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचने के लिए भवन के आसपास के सभी प्रमुख मार्गों को बंद कर दिया गया था। क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाकर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी।
नगर निगम और प्रशासन की टीमों ने एहतियात के तौर पर आसपास स्थित लगभग 10 से 15 मकानों को पहले ही खाली करा लिया था। इन मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया। इसके अलावा एहतियाती कदम के रूप में क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बंद कर दी गई थी।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रामगंज थाना पुलिस का पर्याप्त पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। नगर निगम, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
हालांकि भवन को सुरक्षित तरीके से गिरा दिया गया, लेकिन ध्वस्तीकरण के दौरान सामने स्थित एक इमारत को आंशिक नुकसान पहुंचा। इसके अतिरिक्त भवन के निकट स्थित एक पेड़ भी गिर गया। प्रशासन द्वारा आसपास की अन्य संरचनाओं का भी निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसी अतिरिक्त क्षति का आकलन किया जा सके।
गौरतलब है कि यह इमारत निर्माण के दौरान एक तरफ झुक गई थी, जिसके बाद इसके गिरने का खतरा बढ़ गया था। तकनीकी निरीक्षण और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण मानते हुए ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया।
प्रशासन ने राहत की बात बताते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। अब मलबा हटाने और आसपास के क्षेत्र को सामान्य स्थिति में लाने का कार्य शुरू किया जाएगा।