Thursday, 04 June 2026

‘मैं भगोड़ा नहीं हूं, मेरे खिलाफ एक भी केस नहीं’, ललित मोदी ने तोड़ी चुप्पी, IPL, राजनीति और दाऊद कनेक्शन पर किए बड़े दावे


‘मैं भगोड़ा नहीं हूं, मेरे खिलाफ एक भी केस नहीं’, ललित मोदी ने तोड़ी चुप्पी, IPL, राजनीति और दाऊद कनेक्शन पर किए बड़े दावे

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने वर्षों बाद एक विस्तृत इंटरव्यू में अपने ऊपर लगे आरोपों, IPL से जुड़े विवादों, राजनीतिक हस्तक्षेप और क्रिकेट सट्टेबाजी को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें "भगोड़ा" कहे जाने का कोई कानूनी आधार नहीं है और आज तक उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला साबित नहीं हुआ है।

ललित मोदी ने कहा, "मैं बिल्कुल भी नहीं भाग रहा हूं। मैं दुनिया भर में खुलेआम घूम रहा हूं। अगर मैं भगोड़ा होता तो भारत सरकार मुझे कभी भी पकड़ सकती थी। भारत सरकार की पहुंच बहुत लंबी है।"

उन्होंने कहा कि भारत की न्यायिक प्रक्रिया में देरी सबसे बड़ी समस्या है। उनके अनुसार, "देर से मिलने वाला न्याय भी एक तरह की सजा है। अगर मैं इतना ही दोषी हूं तो मेरे खिलाफ मुकदमा चलाया जाए, लेकिन 17 वर्षों में मुझे किसी अदालत में दोषी साबित नहीं किया गया।"

IPL को लेकर भावुक होते हुए मोदी ने कहा कि यह टूर्नामेंट उनके लिए एक बच्चे की तरह है। उन्होंने कहा कि IPL ने न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि उनके परिवार की पहचान भी बदल दी। उन्होंने कहा कि आज भी वह IPL के मैच देखते हैं और इस लीग से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं।

इंटरव्यू में मोदी ने 2009 के आम चुनावों के दौरान IPL को लेकर तत्कालीन केंद्र सरकार के साथ हुए विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए तत्कालीन UPA सरकार ने IPL के आयोजन में सहयोग नहीं किया, जिसके बाद टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका ले जाना पड़ा। उन्होंने तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम का भी जिक्र किया।

2010 के कोच्चि टस्कर्स विवाद पर बोलते हुए ललित मोदी ने दावा किया कि फ्रेंचाइजी स्वामित्व को लेकर सवाल उठाने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ गया। उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और उनकी दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। हालांकि इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस इंटरव्यू में शामिल नहीं है।

मोदी ने क्रिकेट में सट्टेबाजी और अंडरवर्ल्ड की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नेटवर्क क्रिकेट सट्टेबाजी में प्रभावशाली भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैच फिक्सिंग का स्वरूप अब पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है और अब पूरी मैच फिक्सिंग के बजाय गेंद और ओवर स्तर पर हेरफेर किया जाता है।

ललित मोदी ने यह भी दावा किया कि IPL के शुरुआती वर्षों में उन्होंने कथित तौर पर माफिया तत्वों को लीग से दूर रखा, जिसके कारण उन्हें करोड़ों डॉलर के प्रस्ताव और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यहां तक दावा किया कि उनकी जान लेने की कई बार कोशिश की गई। अपने निजी जीवन और भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए मोदी ने बताया कि उनके जीवन पर आधारित एक बायोपिक पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह उनके किरदार को निभाने में रुचि दिखा चुके हैं और यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो वह इस भूमिका के लिए उनकी पहली पसंद होंगे।

टी-20 क्रिकेट के शुरुआती दौर को याद करते हुए मोदी ने कहा कि 2007 टी-20 विश्व कप से पहले भारतीय टीम के कई वरिष्ठ खिलाड़ी इस प्रारूप को गंभीरता से नहीं लेते थे। उनके अनुसार उस समय अधिकांश खिलाड़ी टी-20 क्रिकेट खेलने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन बाद में यही प्रारूप विश्व क्रिकेट का सबसे लोकप्रिय प्रारूप बन गया।

यह इंटरव्यू ऐसे समय आया है जब ललित मोदी लंबे समय से भारत से बाहर रह रहे हैं और IPL की स्थापना से लेकर उससे जुड़े विवादों तक कई मुद्दे फिर चर्चा में हैं। हालांकि इंटरव्यू में किए गए कई दावे व्यक्तिगत आरोपों और अनुभवों पर आधारित हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों या न्यायिक रिकॉर्ड से होना शेष है।

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