Sunday, 31 May 2026

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज, कुचामन थानाधिकारी निलंबित


भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज, कुचामन थानाधिकारी निलंबित

नागौर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने की घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। इस मामले में अब कुचामन सिटी थाना प्रभारी सतपाल सिंह सिहाग को निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में आईजी राजेंद्र सिंह ने शनिवार देर रात आदेश जारी किए। इससे पहले डीडवाना-कुचामन के पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद्र यादव और कुचामन तहसीलदार कैलाश ईनाणिया का तबादला भी किया जा चुका है।

लगातार हो रही इन प्रशासनिक कार्रवाइयों को स्थानीय स्तर पर हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

इस बीच डीडवाना-कुचामन जिले के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में प्यारेलाल शिवरान की नियुक्ति की गई है। वहीं पूर्व एसपी ज्ञानचंद्र यादव का तबादला कर उन्हें सिविल राइट्स, जयपुर में लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि ज्ञानचंद्र यादव ने हाल ही में जिले का कार्यभार संभाला था, ऐसे में उनका अल्पावधि में स्थानांतरण चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को कुचामन में भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के तहत आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था। घटना के बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को शांतिभंग के आरोप में हिरासत में लेकर मकराना थाने भेज दिया था।

बाद में देर रात उन्हें वापस कुचामन लाकर तहसीलदार कैलाश ईनाणिया के समक्ष पेश किया गया, जहां वैधानिक प्रक्रिया के तहत उनकी जमानत याचिकाएं स्वीकार करते हुए रिहा कर दिया गया। हालांकि इसके बाद नावां पुलिस ने आरएलपी के युवा नेता रामनिवास पोषक और एक अन्य युवक रमेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार रामनिवास पोषक पर कुछ दिन पहले चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के काफिले के सामने विरोध प्रदर्शन करने का आरोप है। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और विपक्षी दल प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।



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