Monday, 25 May 2026

अजमेर में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण महाअभियान’ की शुरुआत, मंत्री सुरेश रावत ने कांग्रेस पर साधा निशाना


अजमेर में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण महाअभियान’ की शुरुआत, मंत्री सुरेश रावत ने कांग्रेस पर साधा निशाना

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अजमेर | अजमेर में सोमवार को ‘वंदे गंगा जल संरक्षण महाअभियान’ की शुरुआत के दौरान राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को केवल चिंतन शिविर करने की नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्म-मनन करने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि भगवान ब्रह्मा कांग्रेस नेताओं को सद्बुद्धि दें ताकि वे देशहित की राजनीति करें।

अजमेर के वरुण सागर सरोवर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि कांग्रेस ने विशेष अभियानों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने का प्रयास किया है, जिसका जवाब देश की जनता पहले ही दे चुकी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन देश, संस्कृति और सभ्यता स्थायी होती हैं। राजनीतिक दलों को यह सोचना चाहिए कि वे आने वाली पीढ़ियों को कैसी विरासत सौंप रहे हैं।

वरुण सागर सरोवर पर पूजा-अर्चना और कलश यात्रा

कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे गंगा जल संरक्षण महाअभियान’ की औपचारिक शुरुआत वरुण सागर सरोवर की पूजा-अर्चना के साथ की गई। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

मंत्री ने कहा कि तीर्थराज पुष्कर और भगवान ब्रह्मा की पावन भूमि से वे यह प्रार्थना करते हैं कि सभी राजनीतिक दल देशहित और संस्कृति संरक्षण को प्राथमिकता दें। उन्होंने जल संरक्षण को सामाजिक आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

5 जून तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान

जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीसलपुर बांध के पूजन के साथ इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 25 मई से 5 जून तक पूरे राजस्थान में चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिला और ब्लॉक स्तर पर तालाबों, बावड़ियों, कुओं और अन्य जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नदियां, तालाब और बावड़ियां केवल जल स्रोत नहीं बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर हैं। अभियान के दौरान जल स्रोतों से अतिक्रमण हटाने, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र बनाने और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर

जल संसाधन मंत्री रावत ने कहा कि जल संकट भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इससे निपटने के लिए सरकार के साथ आमजन की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। राज्य सरकार का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से जल स्रोतों का पुनर्जीवन, पर्यावरण संतुलन और समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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