



टोंक | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार, 25 मई को ईसरदा बांध परियोजना का हवाई सर्वेक्षण कर जल संरक्षण, जल प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से निर्माण कार्यों, जल भंडारण क्षमता और प्रस्तावित सिंचाई व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईसरदा बांध परियोजना राजस्थान के उज्ज्वल, समृद्ध और आत्मनिर्भर भविष्य का मजबूत आधार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार लगातार बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। ईसरदा परियोजना न केवल पेयजल उपलब्धता को मजबूत करेगी, बल्कि किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सिंचाई सुविधाओं का भी बड़ा माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में ईसरदा बांध जैसी परियोजनाएं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़ी योजनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र तक पर्याप्त पेयजल और सिंचाई सुविधाएं पहुंचाई जाएं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
ईसरदा बांध परियोजना को पूर्वी राजस्थान क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद कई जिलों में पेयजल आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे किसानों को खेती के लिए बेहतर जल उपलब्धता मिलेगी और कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल आधारित आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश के समग्र विकास में ऐसी परियोजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।