



जयपुर | जयपुर में बढ़ते जल संकट को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जल भवन का घेराव कर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार पर पेयजल संकट को लेकर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और विरोध स्वरूप मटके फोड़े। प्रदर्शन के दौरान हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जल भवन के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ता सिविल लाइंस से जल भवन तक पैदल “पानी यात्रा” निकालते हुए पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भीषण गर्मी के बीच सड़क पर लेटकर जल संकट के खिलाफ विरोध जताया। हसनपुरा चौराहे पर करीब 10 मिनट तक कार्यकर्ता गर्म सड़क पर लेटे रहे, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ और आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक और कार्यकर्ता जल भवन के मुख्य गेट पर चढ़ गए और पुलिस से गेट खोलने की मांग करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रण में रखा। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि प्रदेश में भीषण गर्मी के बावजूद कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और आम जनता को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर जल प्रबंधन में विफल रहने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि जनता की पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे यही गंदा पानी मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पिलाएंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पानी के कनेक्शन भी स्वयं काट देंगे। खाचरियावास ने कहा कि सरकार को आम जनता की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गर्मी के मौसम में लोग पानी के लिए परेशान हैं, लेकिन सरकार केवल दावे कर रही है।
राजधानी में जल संकट को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति अनियमित है और लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वहीं सरकार का दावा है कि प्रदेश में जल प्रबंधन को लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रदर्शन के चलते जल भवन और आसपास के क्षेत्रों में काफी देर तक राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बनी रही।