



सीकर | प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से मिशन निदेशक राजन विशाल ने शुक्रवार और शनिवार को सीकर जिले का दौरा कर विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को “हर घर जल” लक्ष्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
मिशन निदेशक ने जल जीवन मिशन एवं अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्थाओं, पाइपलाइन नेटवर्क, जल स्रोत विकास और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।
दौरे के दौरान राजन विशाल ने झुन का बास, करणपुरा, सिहोट छोटी और लांपुवा (खंडेला) की ग्रामीण जल योजनाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही सीकर शहर के आनंद नगर में अमृत 2.0 योजना के तहत निर्माणाधीन उच्च जलाशय का भी अवलोकन किया।
उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति, कार्य पूर्णता की समयसीमा तथा पाइपलाइन नेटवर्क की ड्रॉइंग और डिजाइन संबंधी जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही तकनीकी निरीक्षण और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
मिशन निदेशक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम के लिए “सुजलम आईडी” तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड आधारित यह व्यवस्था जल योजनाओं के संचालन, मॉनिटरिंग और रखरखाव को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी। “सुजलम आईडी” के माध्यम से प्रत्येक योजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी, जल स्रोत, पाइपलाइन नेटवर्क, लाभान्वित परिवारों और रखरखाव संबंधी समस्त डाटा एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा।
राजन विशाल ने ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) को सक्रिय और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केवल निर्माण आधारित योजना नहीं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण समुदाय की भागीदारी बढ़ाई जाए, ताकि जल संरक्षण, जल गुणवत्ता निगरानी और योजनाओं के रखरखाव में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकें।
मिशन निदेशक ने अधिकारियों को “हर घर जल” प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों में प्रत्येक घर तक नियमित नल जल आपूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां सत्यापन और प्रमाणन की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमाणन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल सेवाओं की उपलब्धता का महत्वपूर्ण संकेतक है।
राजन विशाल ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल पेयजल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि योजनाओं को लंबे समय तक टिकाऊ और प्रभावी बनाए रखना भी है। इसके लिए तकनीकी गुणवत्ता, डिजिटल मॉनिटरिंग, जनसहभागिता और नियमित रखरखाव को समान महत्व देना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। दौरे के दौरान विभागीय अधिकारी और संबंधित परियोजनाओं से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।