Saturday, 23 May 2026

फेम इंडिया सर्वे में राजस्थान के 6 कलक्टर देश के टॉप 100 में शामिल, नवाचार और गवर्नेंस मॉडल की देशभर में चर्चा


फेम इंडिया सर्वे में राजस्थान के 6 कलक्टर देश के टॉप 100 में शामिल, नवाचार और गवर्नेंस मॉडल की देशभर में चर्चा

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सीकर | फेम इंडिया पत्रिका द्वारा देशभर के लगभग 800 जिला कलक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों पर किए गए सर्वे में राजस्थान के छह आईएएस अधिकारियों ने देश के टॉप 100 कलक्टरों में जगह बनाई है। प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, संकट प्रबंधन कौशल और जनसंवेदनशीलता जैसे दस प्रमुख मानकों के आधार पर यह रैंकिंग तैयार की गई।

फेम इंडिया द्वारा यह सर्वे वर्ष 2011 से लगातार किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया में जनता की प्रतिक्रिया, सत्ताधारी और विपक्षी नेताओं के सुझाव, जमीनी सर्वेक्षण और वरिष्ठ नौकरशाहों के मूल्यांकन को भी शामिल किया गया।

राजस्थान के 6 कलक्टर टॉप 100 में शामिल

फेम इंडिया सर्वे में राजस्थान से जिन अधिकारियों को टॉप 100 में स्थान मिला है, उनमें आईएएस अधिकारी आलोक रंजन, अंकित, अरुण गर्ग, जितेंद्र कुमार सोनी, मुकुल शर्मा और टीना डाबी शामिल हैं। इन अधिकारियों के विभिन्न जिलों में किए गए नवाचार और प्रशासनिक मॉडल पहले भी व्यापक चर्चा का विषय रहे हैं।

सीकर के पूर्व कलक्टर मुकुल शर्मा के नवाचार चर्चा में

सीकर के तत्कालीन जिला कलक्टर मुकुल शर्मा को उनके कई नवाचारों के लिए विशेष पहचान मिली। डिजिटल साक्षरता अभियान, खाटूश्यामजी में भक्तों के लिए “खाटू मॉडल” के तहत सुगम दर्शन व्यवस्था, नगर परिषद क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान और बिना विवाद सड़क चौड़ीकरण जैसे प्रयासों को व्यापक सराहना मिली।

टीना डाबी का जल संचय मॉडल बना पहचान

बाड़मेर की जिला कलक्टर रहीं टीना डाबी को जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण अभियानों के लिए पहचान मिली। सरहदी क्षेत्र में उनके “जल संचय मॉडल” को प्रथम पुरस्कार भी मिला। साथ ही बालिका शिक्षा और मिशन सुरक्षा चक्र जैसे अभियानों को भी व्यापक समर्थन मिला।

जयपुर के जितेंद्र कुमार सोनी के अभियान रहे चर्चित

आईएएस अधिकारी जितेंद्र कुमार सोनी ने अलवर और जयपुर में कई नवाचार लागू किए। “नो बैग डे”, “दिशा”, “चरण पादुका” जैसे अभियानों के साथ जयपुर में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करना चर्चा में रहा।

पर्यटन, स्वरोजगार और शिक्षा पर विशेष फोकस

चित्तौड़गढ़ के आलोक रंजन ने पर्यटन विकास, औद्योगिक विस्तार और आईटी आधारित मॉनिटरिंग मॉडल पर काम किया। झुंझुनूं के अरुण गर्ग ने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और जल संरक्षण अभियानों को गति दी।

डूंगरपुर के जिला कलक्टर अंकित ने आदिवासी क्षेत्र में ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूलों से जोड़ने, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सराहना प्राप्त की।

देशभर के अधिकारियों की सूची में राजस्थान का प्रभाव

फेम इंडिया सर्वे में विभिन्न राज्यों के आईएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। राजस्थान के छह अधिकारियों का चयन प्रदेश के प्रशासनिक मॉडल और नवाचार आधारित गवर्नेंस की बढ़ती पहचान को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नवाचार न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाते हैं, बल्कि आमजन और प्रशासन के बीच विश्वास भी मजबूत करते हैं।

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