Saturday, 23 May 2026

NMO द्वारा हंता वायरस जागरूकता एवं CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया जोर


NMO द्वारा हंता वायरस जागरूकता एवं CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया जोर

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जयपुर | राष्ट्रीय मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO) महानगर जयपुर इकाई की ओर से सवाई मानसिंह अस्पताल स्थित JMA हॉल में “हंता वायरस अवेयरनेस एवं CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम” आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, मेडिकल विद्यार्थियों तथा समाज की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लगभग 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य हंता वायरस संक्रमण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आमजन और युवाओं को CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण देना था।

“CPR प्रशिक्षण सामाजिक आवश्यकता बन चुका है” — डॉ. हेमंत सेठिया

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सह प्रांत संघचालक एवं इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष ई. डॉ. हेमंत सेठिया रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में CPR प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकता बन चुका है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सही समय पर CPR मिल जाए तो हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने हाल ही में एयरपोर्ट पर एक डॉक्टर द्वारा CPR देकर व्यक्ति की जान बचाने का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना आवश्यक है। डॉ. सेठिया ने कहा कि NMO केवल चिकित्सकों का संगठन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सेवा का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है।

हंता वायरस पर विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुनील महावर ने “हंता वायरस अवेयरनेस” विषय पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने हंता वायरस संक्रमण के लक्षण, कारण, बचाव, उपचार और रोकथाम के उपायों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ऐसे संक्रमणों से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर सावधानी सबसे प्रभावी उपाय है।

डॉ. वी.के. जैन ने दिया CPR का प्रायोगिक प्रशिक्षण

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वी.के. जैन ने कार्यक्रम में CPR प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। उन्होंने मौखिक और प्रायोगिक दोनों माध्यमों से CPR की पूरी प्रक्रिया समझाई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता (Basic Life Support) के महत्व से अवगत कराया गया।

डॉ. वी.के. जैन ने कहा कि CPR प्रशिक्षण को केवल मेडिकल क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे विद्यालय स्तर पर स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि सामान्य नागरिक भी आपात स्थिति में किसी की जान बचाने में सक्षम बन सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाज के विभिन्न वर्गों तक इस प्रशिक्षण को पहुंचाने में वे सदैव सहयोग करेंगे।

वरिष्ठ चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों की सहभागिता

कार्यक्रम में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा NMO के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सुशील भाटी, प्रांत अध्यक्ष डॉ. शेरसिंह यादव, प्रांत सचिव राजकुमार जी, महानगर अध्यक्ष डॉ. बुद्धिप्रकाश तथा महानगर सचिव डॉ. आशालता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मेडिकल छात्र-छात्राओं और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों की सतत श्रृंखला चलेगी

वक्ताओं ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता और CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों तक लगातार पहुंचाए जाएंगे, ताकि अधिकाधिक लोग जीवनरक्षक तकनीकों और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता से जुड़ सकें।कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशालता द्वारा किया गया।

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