Friday, 22 May 2026

कांग्रेस में राज्यसभा टिकट को लेकर हलचल तेज, दावेदारी के लिए लॉबिंग शुरू


कांग्रेस में राज्यसभा टिकट को लेकर हलचल तेज, दावेदारी के लिए लॉबिंग शुरू

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जयपुर | राजस्थान से खाली हो रही कांग्रेस की राज्यसभा सीट को लेकर पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। टिकट की दौड़ में कई बड़े नेता सक्रिय हो गए हैं और आलाकमान तक अपनी दावेदारी मजबूत करने के प्रयास शुरू हो चुके हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार फिलहाल तीन नेता वर्तमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी, कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा सक्रिय रूप से लॉबिंग में जुटे हुए हैं, जबकि वरिष्ठ नेता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी बिना किसी लॉबिंग के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

नीरज डांगी फिर से राज्यसभा पहुंचने की कोशिश में

वर्तमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी अपना कार्यकाल बढ़वाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। वे दूसरी बार राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार डांगी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से लगातार संपर्क साध रहे हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है। नीरज डांगी मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और क्षेत्रीय प्रभाव का दावा भी कर रहे हैं। कांग्रेस के भीतर उनकी पहचान संगठनात्मक और क्षेत्रीय नेता के रूप में मानी जाती है।

दिनेश खोड़निया भी सक्रिय, पहले विवादों में आ चुका नाम

राज्यसभा की संभावित दावेदारी को लेकर कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया का नाम भी चर्चा में बना हुआ है। वे डूंगरपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और आदिवासी क्षेत्रों में राजनीतिक पकड़ का दावा करते हैं। हालांकि पेपर लीक मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा की गिरफ्तारी के बाद दिनेश खोड़निया का नाम भी विवादों में आया था। उस दौरान प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी। इसके बावजूद वे संगठन स्तर पर सक्रिय बने हुए हैं।

पवन खेड़ा राहुल गांधी के जरिए साध रहे समीकरण

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा भी राज्यसभा टिकट की दौड़ में माने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार वे राहुल गांधी के माध्यम से अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। पवन खेड़ा खुद को राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र से जुड़ा बताते हैं, क्योंकि उनका जन्म उदयपुर में हुआ था। हालांकि उनकी शिक्षा और राजनीतिक सक्रियता मुख्य रूप से दिल्ली केंद्रित रही है। राजस्थान की राजनीति में वे कभी प्रत्यक्ष रूप से सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ताओं में होती है।

बिना लॉबिंग सबसे मजबूत माने जा रहे डॉ. सीपी जोशी

कांग्रेस की ओर से राज्यसभा की खाली हो रही सीट के लिए सबसे मजबूत और गंभीर दावेदार पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनका नाम शीर्ष स्तर पर गंभीरता से विचाराधीन है। विशेष बात यह मानी जा रही है कि डॉ. जोशी किसी प्रकार की लॉबिंग या दबाव की राजनीति से दूर रहकर अपनी राजनीतिक योग्यता और अनुभव के आधार पर दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं। डॉ. सीपी जोशी विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। मेवाड़ क्षेत्र में उन्हें कांग्रेस का बड़ा चेहरा माना जाता है।

पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि मेवाड़ क्षेत्र में कांग्रेस की कमजोर होती स्थिति को देखते हुए यदि स्थानीय और अनुभवी चेहरे को राज्यसभा भेजा जाता है तो इससे क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में सकारात्मक संदेश जाएगा। राज्यसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अब कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर गतिविधियां और तेज होने की संभावना है

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