



जयपुर। वर्ल्ड म्यूजियम डे पर सोमवार को जयपुर के आम्रपाली म्यूजियम ने एक विशेष ऑडियो-वीडियो सेक्शन की शुरुआत की। जेन-जी दर्शकों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक, प्रोजेक्शन आधारित स्टोरीटेलिंग और इमर्सिव प्रस्तुति के जरिए ज्वेलरी की समृद्ध कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इस सेक्शन में पारंपरिक आभूषणों के साथ अनुष्ठानिक वस्तुएं, इत्र पात्र, पूजा सामग्री और दैनिक जीवन से जुड़ी दुर्लभ कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। म्यूजियम में भारत के विभिन्न राज्यों, जनजातीय समुदायों और शाही घरानों से संकलित 4500 से अधिक दुर्लभ आभूषण और सांस्कृतिक धरोहरें संरक्षित हैं, जिन्हें लगभग 40 वर्षों की यात्राओं के दौरान देशभर के गांवों, कस्बों, रेगिस्तानी और पहाड़ी क्षेत्रों से एकत्र किया गया।
विष्णु प्रतिमा इंस्टॉलेशन और 10 अवतारों की कहानी
नए सेक्शन में विशेष विष्णु प्रतिमा इंस्टॉलेशन और लाइट एंड साउंड शो ने दर्शकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव से जोड़ा। इसमें 10 अवतारों की कहानी को रोचक अंदाज में प्रस्तुत करते हुए दिखाया गया कि अलग-अलग काल में किस तरह का श्रृंगार प्रचलित था।
बाहुबली और मणिकर्णिका के आभूषण भी आकर्षण का केंद्र
म्यूजियम में बॉलीवुड फिल्मों में उपयोग किए गए प्रसिद्ध आभूषणों का विशेष सेक्शन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। यहां बाहुबली के दोनों भाग और मणिकर्णिका फिल्म में उपयोग किए गए आभूषण प्रदर्शित किए गए हैं। भारतीय सिनेमा और पारंपरिक शिल्पकला के अद्भुत मेल को यहां खूबसूरती से दर्शाया गया है।
ओपन डे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमी, इन्फ्लुएंसर्स, डिजाइनर्स और पर्यटक पहुंचे। क्यूरेटोरियल वॉकथ्रू में विशेषज्ञों ने आगंतुकों को विभिन्न ज्वेलरी डिजाइनों के इतिहास, उपयोग और निर्माण तकनीकों की जानकारी दी। राजीव अरोड़ा और राजेश अजमेरा द्वारा 2018 में स्थापित आम्रपाली म्यूजियम आज देश के सबसे महत्वपूर्ण आभूषण संग्रहालयों में गिना जाता है।