



जयपुर। राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर 18 मईकोहाईकोर्ट में सुनवाई टल गई। जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ में आज पूर्व विधायक संयम लोढ़ा, गिर्राज सिंह देवंदा व अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन खंडपीठ ने सरकार और राज्य चुनाव आयोग के चुनाव टालने के प्रार्थना-पत्र पर फैसला रिजर्व होने के चलते अगली सुनवाई 26 मई तक स्थगित कर दी।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह को अवमानना नोटिस जारी किए थे। अदालत ने चुनाव आयोग से पूछा था कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय समय सीमा से बाहर का कैसे जारी किया गया।
अवमानना याचिका में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा का आरोप है कि सरकार और आयोग जानबूझकर चुनाव टाल रहे हैं, जो हाईकोर्ट के आदेश की सीधी अवमानना है। हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव के लिए 15 अप्रैल की समय सीमा तय की थी, लेकिन आयोग ने 22 अप्रैल तक फाइनल मतदाता सूची जारी करने का कार्यक्रम निर्धारित किया, जिससे स्पष्ट है कि चुनाव तय समय सीमा में किसी भी हाल में पूरे नहीं हो सकते। अब सभी की नजरें 26 मई की सुनवाई पर टिकी हैं।