Thursday, 14 May 2026

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा के सवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पारदर्शिता पर उठाए मुद्दे


राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा के सवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पारदर्शिता पर उठाए मुद्दे

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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi की विदेश यात्राओं के खर्च और उनसे जुड़े विवरण सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने सामाजिक माध्यम पर जारी बयान में कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता केवल आम नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि संवैधानिक पदों पर बैठे प्रत्येक व्यक्ति के लिए समान रूप से आवश्यक है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम की धारा 6 के तहत विदेशी आतिथ्य से संबंधित जानकारी देना अनिवार्य है। ऐसे में 54 विदेशी यात्राओं के बावजूद सरकारी अनुमति और संबंधित विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता यह जानना चाहती है कि क्या विपक्ष के नेता पर भी वही नियम लागू होते हैं, जो अन्य जनप्रतिनिधियों और नागरिकों पर लागू होते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति पारदर्शिता और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने संकेत दिया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने खर्च और विदेशी यात्राओं के संबंध में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर सामाजिक माध्यम पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दावा किया कि वर्ष 2004 से 2026 के बीच राहुल गांधी ने 54 विदेश यात्राएं कीं, जिन पर अनुमानित 60 करोड़ रुपये खर्च हुए। भाजपा का आरोप है कि आधिकारिक वित्तीय अभिलेखों में घोषित आय लगभग 11 करोड़ रुपये दिखाई गई है, जो कथित खर्च की तुलना में काफी कम है।

भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि यदि इन यात्राओं का खर्च विदेशी स्रोतों से वहन किया गया था, तो उसके लिए आवश्यक अनुमति कहां है, और यदि खर्च निजी था तो उसका उल्लेख आयकर विवरण में क्यों नहीं किया गया। पार्टी ने कहा कि कानून के अनुसार ऐसे रिकॉर्ड उपलब्ध होना अनिवार्य है और उनका सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं होना गंभीर सवाल पैदा करता है।

हालांकि कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

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