Saturday, 29 August 2026

विश्व उदर कैंसर दिवस पर जयपुर में जागरूकता अभियान, 17 मई को जलेब चौक से निकलेगी जागरूकता पदयात्रा


विश्व उदर कैंसर दिवस पर जयपुर में जागरूकता अभियान, 17 मई को जलेब चौक से निकलेगी जागरूकता पदयात्रा

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विश्व उदर कैंसर दिवस के अवसर पर पेट से संबंधित कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जयपुर सहित दुनिया के कई शहरों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इसी क्रम में जयपुर में 17 मई को जागरूकता पदयात्रा और 19 मई को विशेषज्ञों की विशेष परिचर्चा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पेट के कैंसर के बारे में जानकारी देना, शुरुआती जांच के महत्व को समझाना और समय पर उपचार के लिए प्रेरित करना है।

यह आयोजन एब्डोमिनल कैंसर ट्रस्ट द्वारा फोर्टिस अस्पताल और इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट एंड रिसर्च के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तहत गुरुवार को कैंसर जागरूकता से जुड़ी विशेष टी-शर्ट और पहचान पत्रों का विमोचन भी किया गया।

17 मई को जयपुर के जलेब चौक से सुबह छह बजे जागरूकता पदयात्रा आयोजित होगी। यह पदयात्रा दुनिया के विभिन्न शहरों में एक साथ आयोजित किए जाने वाले बहु-शहर अभियान का हिस्सा होगी। आयोजन का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने का संदेश देना है।

आयोजकों का कहना है कि कैंसर से लड़ाई केवल इलाज के जरिए नहीं, बल्कि जागरूकता, समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर भी जीती जा सकती है। विश्व उदर कैंसर दिवस के संस्थापक डॉ. संदीप जैन ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। उन्होंने बताया कि उदर कैंसर अक्सर शुरुआती चरण में पकड़ में नहीं आता, जिसके कारण मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि लोग समय रहते जांच करवाएं और शरीर में दिखाई देने वाले संकेतों को गंभीरता से लें तो हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है। उनके अनुसार उदर कैंसर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है और इससे लड़ने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

19 मई को होटल हॉलिडे इन में “निवारक जठरांत्र कैंसर चिकित्सा” विषय पर विशेष परिचर्चा आयोजित की जाएगी। इसमें देश के प्रमुख जठरांत्र रोग विशेषज्ञ, शल्य चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल होंगे। वैज्ञानिक सत्रों में आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एंडोस्कोपी, शुरुआती पहचान और कैंसर रोकथाम पर चर्चा होगी।

परिचर्चा में जठरांत्र कैंसर की शुरुआती पहचान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एंडोस्कोपी की भूमिका, जांच और उपचार में देरी के कारण बढ़ते कैंसर, पित्ताशय कैंसर की रोकथाम, बड़ी आंत के कैंसर की शुरुआती जांच और शराब से संबंधित यकृत रोगों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया जाएगा।

इन विषयों पर डॉ. एस.एस. शर्मा, डॉ. आर.के. जेनॉ, डॉ. जितेन्द्र चावला, डॉ. सुधीर महाऋषि, प्रोफेसर वी.ए. सारस्वत, डॉ. सौरभ कालिया, डॉ. जया माहेश्वरी और डॉ. दिनेश अग्रवाल सहित देश के वरिष्ठ विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।

फोर्टिस अस्पताल के निदेशक डॉ. मनीष अग्रवाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल बीमारी की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की मदद से अब कई प्रकार के कैंसर की शुरुआती पहचान संभव हो चुकी है और समय पर इलाज से रोगियों के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

उदर कैंसर में पेट के भीतर मौजूद विभिन्न अंगों जैसे आमाशय, यकृत, अग्न्याशय, बड़ी आंत, मलाशय, पित्ताशय, अंडाशय, गुर्दे और छोटी आंत के कैंसर शामिल होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित जांच, जागरूकता और समय पर पहचान से इन कैंसरों का प्रभावी उपचार संभव है।

इस अवसर पर संस्कृति युवा संस्थान के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा, डॉ. संदीप जैन, डॉ. मनीष अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, जयपुर रनर्स क्लब के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक शर्मा, अधिवक्ता कमलेश शर्मा, प्रोफेसर एस.एस. शर्मा और संस्थान के निदेशक मुकेश मिश्रा सहित कई विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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