



नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जांच तेज करते हुए चारों प्रमुख आरोपियों को दिल्ली ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है। इनमें जयपुर जिले के जमवारामगढ़ से पकड़े गए दोनों भाई दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल, मांगीलाल का बेटा विकास बिंवाल तथा हरियाणा निवासी यश यादव शामिल हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो मुख्यालय में इन सभी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम जमवारामगढ़ पहुंची, जहां आरोपियों दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल के घरों पर जांच की गई। टीम ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। इसके अलावा आरोपियों के फार्म हाउस और अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाशी ली गई, जहां से दस्तावेज, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की जांच की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि कथित प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी पहले हासिल की गई थी। इसके बाद उसे हाथ से लिखकर स्कैन किया गया और फिर व्हाट्सएप तथा कोचिंग संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि मूल प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आया और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद प्रारंभिक जांच राजस्थान विशेष अभियान समूह द्वारा की जा रही थी। विशेष अभियान समूह ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनके मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे। इसके साथ ही लगभग 150 अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से भी पूछताछ की गई थी। अब तक एकत्रित किए गए सभी डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिए गए हैं।
जांच एजेंसियों का फोकस अब मनी ट्रेल, डिजिटल संचार, टेलीग्राम और व्हाट्सएप समूहों तथा कोचिंग नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान पर है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।