Wednesday, 13 May 2026

कृषि विश्वविद्यालय कोटा का नवम् दीक्षांत समारोह आयोजित, कृषि शिक्षा से खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर


कृषि विश्वविद्यालय कोटा का नवम् दीक्षांत समारोह आयोजित, कृषि शिक्षा से खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

कोटा। एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कोटा के नवम् दीक्षांत समारोह का आयोजन बुधवार को राज्य कृषि प्रबंध संस्थान सभागार में किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि कृषि आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की अधिकांश आबादी की आजीविका कृषि एवं पशुपालन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा के माध्यम से खेतों की उत्पादकता बढ़ाकर खाद्य सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है तथा किसानों को उन्नत बीज, तकनीक और विपणन का ज्ञान देकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दीक्षांत समारोह में पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से प्राप्त शिक्षा, ज्ञान और अनुसंधान का उपयोग विकसित भारत के निर्माण में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को आधुनिक ज्ञान, विज्ञान और नई तकनीकों के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है, ताकि किसानों को सरल, सुलभ और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की कल्पना विकसित कृषि व्यवस्था के बिना अधूरी है। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र में डिजिटल मंच, मोबाइल अनुप्रयोग, ड्रोन तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विश्लेषण का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कृषि क्षेत्र में नवाचार, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, मूल्य संवर्धन और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तलाशें और आत्मनिर्भर बनकर दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध कराएं।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।

समारोह के दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने विश्वविद्यालय की विभिन्न इकाइयों में निर्मित भवनों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। इनमें अनुसंधान केंद्र कोटा की खरपतवार नियंत्रण प्रयोगशाला, यांत्रिक कृषि फार्म की बीज प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला का शिलान्यास तथा कृषि अनुसंधान केंद्र कोटा के बीज विधायन संयंत्र और कृषि महाविद्यालय उम्मेदगंज के शैक्षणिक भवन का लोकार्पण शामिल रहा। इस अवसर पर “फल फसलों का छत्र प्रबंधन” तथा “सोयाबीन के जादुई फायदे : एक बीज कई व्यंजन” पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

समारोह में कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री करोड़ी लाल मीणा ने कहा कि विश्वविद्यालय की डिग्री प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खुलते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने अर्जित ज्ञान का उपयोग किसानों, समाज और राष्ट्रहित में करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश का लगभग 55 से 60 प्रतिशत भूभाग कृषि योग्य है, लेकिन उसमें से केवल 35 से 40 प्रतिशत क्षेत्र ही सिंचित है।

दीक्षांत समारोह में कृषि, उद्यानिकी और वानिकी संकायों के कुल 358 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में कुल 14 स्वर्ण पदक वितरित किए गए, जिनमें स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के साथ कुलगुरु स्वर्ण पदक और कुलाधिपति स्वर्ण पदक भी शामिल रहे।

Previous
Next

Related Posts