



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एमएसएमई, हस्तशिल्प, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योग राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और राज्य सरकार इन क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और आवंटन पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों, युवाओं, स्टार्टअप्स और हस्तशिल्पियों को आगे बढ़ाने के लिए नीति, वित्तीय सहयोग और तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट पॉलिसी लॉन्च की। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना, नए उद्योगों की स्थापना को सरल बनाना और रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं हैं और सरकार निवेशकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों को मजबूती देने, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान को औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ओडीओपी यानी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट से जुड़ी कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। इस पुस्तक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों, स्थानीय पहचान, शिल्प, कला और उद्यम क्षमता को प्रदर्शित किया गया है। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रैम्प पोर्टल भी लॉन्च किया। यह पोर्टल एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को योजनाओं, सुविधाओं, प्रक्रियाओं और सहयोग तंत्र से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके जरिए उद्यमियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवश्यक सहायता एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा सकेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की हस्तशिल्प परंपरा पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। राज्य सरकार हस्तशिल्पियों को बाजार, डिजाइन, तकनीक और वित्तीय सहयोग से जोड़कर उनके उत्पादों को नई पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
स्टार्टअप क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा नवाचार के माध्यम से प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी निवेश और उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए सरकार विशेष प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और आवंटन पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी सफल होता है, जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। छोटे उद्योग न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को निवेश, उद्योग, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई, हस्तशिल्प, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की अपार क्षमता है। इन क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर राजस्थान को विकसित राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, लाभार्थियों, अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश में उद्यमिता और औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।