



जयपुर। जयपुर के बड़ी चौपड़ क्षेत्र में मुहर्रम के जुलूस के दौरान शुक्रवार शाम बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां प्रसिद्ध ‘कुरैशियान के ताजिये’ को घुमाने के दौरान उसके ऊपरी हिस्से यानी गुम्बद में अचानक आग लग गई। आग लगते ही मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना शुक्रवार शाम करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जुलूस के दौरान जब ताजिये को घुमाया जा रहा था, उसी समय आतिशबाजी और रोशनी के लिए पटाखे तथा स्पार्कलर जलाए जा रहे थे। इसी दौरान निकली चिंगारी ताजिये के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई और गुम्बद ने आग पकड़ ली।
ताजिये में आग भड़कते ही आसपास मौजूद लोगों में हलचल मच गई। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, ऐसे में कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बन गई। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस, प्रशासन और दमकल टीमों ने तुरंत हालात संभाल लिए।
प्रशासन की ओर से मुहर्रम जुलूस को देखते हुए बड़ी चौपड़ सहित प्रमुख मार्गों पर पहले से सुरक्षा और आपातकालीन इंतजाम किए गए थे। इसी मुस्तैदी के कारण आग लगने के तुरंत बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
गनीमत रही कि बड़ी चौपड़ पर फायर ब्रिगेड की टीम पहले से तैनात थी। आग लगते ही दमकल कर्मियों ने बिना देरी किए मोर्चा संभाला और त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से यह फैल नहीं सकी और बड़ा हादसा टल गया।
यदि आग पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो भीड़भाड़ वाले इलाके में गंभीर स्थिति बन सकती थी। प्रशासन और दमकल विभाग की सतर्कता के कारण जुलूस में शामिल लोगों को सुरक्षित रखा जा सका।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। किसी व्यक्ति के घायल होने की भी सूचना नहीं है। आग पर काबू पाने के बाद स्थिति सामान्य कर दी गई।
प्रशासन ने लोगों से शांति और सावधानी बनाए रखने की अपील की। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सतर्क कर दी गई, ताकि जुलूस के दौरान किसी अन्य प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
मुहर्रम के जुलूस को देखते हुए जयपुर के परकोटा क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की ओर से पहले से विशेष इंतजाम किए गए थे। बड़ी चौपड़ जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर दमकल, पुलिस और प्रशासनिक टीमें तैनात थीं।
इसी पूर्व तैयारी और सतर्कता के कारण आग लगने के बाद हालात बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर लिए गए। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और जुलूस को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई।