



अजमेर। अजमेर दरगाह परिसर में हिंदू मंदिर होने के दावे को लेकर दायर याचिका पर सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान वादी और प्रतिवादी बनने के लिए दायर 1/10 के तहत कुल 12 प्रार्थना पत्रों पर न्यायालय ने विचार किया। दोनों पक्षों के बीच विस्तृत बहस के बाद कोर्ट ने 4 आवेदन स्वीकार किए, जबकि 8 प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए।
न्यायालय ने स्वीकार किए गए आवेदनों पर संबंधित पक्षों को एक महीने के भीतर 30-30 हजार रुपए जमा कराने के निर्देश भी दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 22 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विजय शर्मा ने बताया कि अजमेर दरगाह के भीतर शिव मंदिर होने का दावा करते हुए मूल याचिका दायर की गई थी। इसके बाद 12 व्यक्तियों ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 1/10 के तहत आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें एक ने वादी और शेष 11 ने प्रतिवादी पक्षकार बनने की मांग की थी।
बताया गया कि इन आवेदनों पर पूर्व में 2 मई को आंशिक सुनवाई हुई थी, जबकि शेष प्रार्थना पत्रों पर शुक्रवार को अंतिम सुनवाई की गई। न्यायालय के इस आदेश के बाद अब मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी, जहां आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
