



चौमूं। श्री गीतागोपाल नाट्यकला संस्थान, चौमूं (जयपुर) के तत्वावधान में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, राधास्वामी बाग में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165 वीं जयंती साहित्यिक और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाई गई। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को साहित्य, रंगमंच और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ना रहा, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण टैगोर की प्रसिद्ध कहानी “पोस्टमास्टर” का नाट्य मंचन रहा, जिसे संस्थान अध्यक्ष एवं रंगमंच कलाकार सुनील सोगण ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस मंचन में रतन और पोस्टमास्टर के बीच के भावनात्मक संबंध, अकेलेपन और आत्मीयता को बेहद संवेदनशील तरीके से दर्शाया गया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया। विद्यार्थियों ने इस प्रस्तुति को गहरी रुचि और भावनात्मक जुड़ाव के साथ देखा।
सुनील सोगण ने इसके बाद “सुकून” शीर्षक एकल नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें मानवता, भाईचारे और जीवन के वास्तविक सुख की अवधारणा को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। दोनों प्रस्तुतियों ने दर्शकों को न केवल प्रभावित किया, बल्कि उन्हें गहराई से सोचने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान सुनील सोगण ने विद्यार्थियों को रंगमंच की बारीकियों, अभिनय कौशल, संवाद अभिव्यक्ति और साहित्य के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। विद्यालय की प्रधानाचार्य सुचिता कुमारी और उपप्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार सेठी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्था की ओर से सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और स्टाफ का आभार व्यक्त किया गया।