



जयपुर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े का एक और बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर स्कूल लेक्चरर की नौकरी पाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है।
एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी अशोक कुमार यादव (33) निवासी कालाडेरा, चौमूं को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया। वह वर्तमान में शहीद गजराज सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, दिवराला (श्रीमाधोपुर, सीकर) में कृषि विषय के व्याख्याता के पद पर कार्यरत था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक/व्याख्याता कृषि विज्ञान भर्ती-2022 में आवेदन करते समय निर्धारित योग्यता नहीं होने के बावजूद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन किया और चयनित हो गया। एसओजी को इस भर्ती में फर्जीवाड़े की शिकायत मिलने पर मार्च 2026 में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने OPJS यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से मिलीभगत कर B.Ed (2020-22) और M.Sc (Agriculture – Agronomy) (2018-20) की मार्कशीट बैक डेट में फर्जी तरीके से तैयार करवाई और इन्हें आवेदन में लगाया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गुरुवार सुबह कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें यूनिवर्सिटी स्तर पर मिलीभगत और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह मामला एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।