



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में न तो आमजन के काम हो रहे हैं और न ही उनकी सुनवाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपना जनाधार खो दिया है और अब केवल “दिल्ली दरबार” की राजनीति तक सीमित होकर रह गई है।
जूली ने कहा कि प्रदेश में जनता की परेशानियों के बीच अब खुद भाजपा कार्यकर्ता भी यह कहने लगे हैं कि उनके काम नहीं हो रहे। उन्होंने दावा किया कि स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा इस स्थिति को स्वीकार करना इस बात का संकेत है कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से यह मुद्दा उठा रही थी कि धरातल पर विकास कार्य ठप पड़े हैं, लेकिन अब सत्ता पक्ष भी इसे मानने को मजबूर हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव नहीं करा रही है। उनके अनुसार, जनता के बीच जाने से बचना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और यह सरकार की हार के डर को दर्शाता है।
जूली ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के हालिया व्यवहार को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना महिलाओं के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने इसे अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इससे भाजपा का “दोहरा चरित्र” सामने आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा “नारी सम्मान” की बात करती है, जबकि दूसरी ओर सार्वजनिक मंच पर महिलाओं के साथ असम्मानजनक व्यवहार सामने आता है।
जूली ने कहा कि सरकार के निर्णयों का लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रह गया है, जबकि आम जनता और पार्टी के कार्यकर्ताओं को हाशिए पर धकेल दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में जनता अपना फैसला सुनाने में देर नहीं करेगी। यह बयान प्रदेश की राजनीति में बढ़ते वाक्-युद्ध और आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक और तीखा राजनीतिक प्रहार माना जा रहा है।