



टोंक। देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ चुके भगत सिंह सेना (BSS) के सुप्रीमो नरेश मीणा एक बार फिर अपने आक्रामक तेवरों को लेकर चर्चा में हैं। बुधवार देर रात घाड़ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे के घायल युवक को समय पर मदद नहीं मिलने पर मीणा ने थाने के भीतर ही धरना दे दिया।
घटना उस समय की है जब नरेश मीणा रात करीब नौ बजे दूनी क्षेत्र के मुगलाना गांव में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। नगरफोर्ट की ओर जाते समय, घाड़ थाने से महज 40-50 मीटर की दूरी पर उन्होंने सड़क किनारे भीड़ और एक गंभीर रूप से घायल युवक को देखा।
जानकारी के अनुसार, दूनी निवासी भागचंद मिस्त्री की बाइक के सामने अचानक सांड आ गया, जिससे वह दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि हादसे की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को दी, लेकिन पुलिस द्वारा घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया।
घायल की बिगड़ती हालत को देखते हुए मीणा ने तुरंत अपनी साफी (पगड़ी) उतारकर युवक के सिर पर बांधी, ताकि खून का बहाव रोका जा सके। पुलिस के रवैये से नाराज होकर वे अपने समर्थकों के साथ थाने के भीतर ही धरने पर बैठ गए और कार्रवाई की मांग करने लगे।
थाने में सुनवाई नहीं होने पर नरेश मीणा ने सीधे जिला पुलिस अधीक्षक (SP) से संपर्क किया और स्थिति की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश के करीब 10 मिनट के भीतर पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर घायल को दूनी अस्पताल भिजवाया।
घायल को इलाज मिलने और प्रशासन की सक्रियता के बाद नरेश मीणा ने धरना समाप्त कर दिया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस का ऐसा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।