



जयपुर। राजनीति में कई बार नेताओं का गुस्सा सिर्फ नाराजगी नहीं, बल्कि किसी संभावित अनहोनी को टालने की कोशिश भी होता है। जयपुर के अमर जवान ज्योति पर मंगलवार रात भाजपा महिला मोर्चा द्वारा निकाले गए मशाल जुलूस के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का गुस्सा अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान महिला नेत्रियों पर उनका चिल्लाना और बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर चले जाना पहले महज अव्यवस्था पर नाराजगी माना जा रहा था, लेकिन अब इसके पीछे की वजह सामने आने लगी है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की नाराजगी के पीछे उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना का डर छिपा था।
हाल ही में उत्तर प्रदेश के बहराइच में भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और विधायक अनुपमा जायसवाल एक बड़े हादसे का शिकार हो गई थीं।
बताया गया कि ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में पुतला दहन के दौरान अचानक आग की लपटें उनके चेहरे तक पहुंच गईं। इस हादसे में उनका चेहरा और बाल झुलस गए, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इस घटना ने भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं को झकझोर दिया था।
बताया जा रहा है कि जयपुर में मशाल जुलूस के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ खामियां नजर आईं।
ऐसे में मदन राठौड़ को आशंका हुई कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए। इसी कारण उन्होंने मौके पर मौजूद महिला नेताओं और आयोजकों को फटकार लगाई।
सूत्रों का कहना है कि उनका गुस्सा किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि आग के साथ प्रदर्शन में बरती जा रही लापरवाही पर था।
भाजपा संगठन फिलहाल किसी भी तरह के जोखिम से बचना चाहता है, खासकर तब जब ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ के तहत प्रदेशभर में प्रदर्शन और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मदन राठौड़ का यह ‘रौद्र रूप’ कहीं न कहीं संगठनात्मक अनुशासन और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश भी है। फिलहाल जयपुर का यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।