



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से भारत की जनगणना 2027 में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महायज्ञ है। उन्होंने नागरिकों से इसे राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर पूरा करने और सामाजिक न्याय के अवसर के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। ऐसे में जनगणना कार्मिकों को लंबी दूरियां तय कर घर-घर पहुंचना होगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे जनगणना कार्य में पूरा सहयोग करें और मकान व परिवार से संबंधित सटीक, सत्य एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 का पहला चरण राजस्थान में 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक चलेगा। इस चरण में मकानों की सूची तैयार करने और गणना का कार्य किया जाएगा।
इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों के सही उत्तर देकर अपना संवैधानिक दायित्व निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करते हुए सरकार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।
1 मई से 15 मई के बीच नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सटीक जनगणना विकास योजनाओं के निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण आधार होती है।
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकार गांव और शहरों में बिजली, पानी, सड़क, शौचालय, स्कूल, अस्पताल, घरेलू गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं की उपलब्धता और जरूरत का आकलन करती है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक सक्रिय योगदान देकर जनगणना 2027 को सफल बनाएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।