



जयपुर। जयपुर में आयोजित सफाई सेवा मैराथन 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वच्छता सिपाहियों को गुरुवार को नगर निगम जयपुर मुख्यालय में सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम नगर निगम की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें सफाई कर्मियों की मेहनत और स्वच्छता के प्रति उनके समर्पण को सराहा गया। गौरतलब है कि सफाई सेवा मैराथन का आयोजन 18 अप्रैल को जयपुर में किया गया था।
इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने कहा कि जयपुर ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसे देश के अन्य शहर भी अपनाकर स्वच्छता को जन आंदोलन बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।
के.के. गुप्ता ने कहा कि यदि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो जाए तो न केवल शहर, बल्कि पूरे देश को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है। उन्होंने सफाई कर्मियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और लोगों में जिम्मेदारी का भाव विकसित होता है।
कार्यक्रम में CSI श्रेणी के विजेताओं को सम्मानित किया गया। मानसरोवर जोन के ताराचंद धाकड़ ने पहला स्थान हासिल किया। मुरलीपुरा जोन की नीलम शर्मा दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि झालाना जोन के प्रेम सिंह देवड़ा को तीसरा स्थान मिला। विजेताओं को उनके उत्कृष्ट कार्य और स्वच्छता के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान राजस्थान सोलर एसोसिएशन के सीईओ नितिन अग्रवाल ने CSR के अंतर्गत विजेताओं को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने सभी सफाई कर्मियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सफाई सेवा मैराथन की सफलता सभी के सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सहयोग का परिणाम है। सफाई कर्मियों की मेहनत और आमजन के सहयोग से ही यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले पाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इसी समर्पण और जिम्मेदारी के साथ स्वच्छता अभियान को लगातार जारी रखना होगा। शहर को साफ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
सफाई सेवा मैराथन 2026 ने जयपुर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सफाई कर्मियों के योगदान को नई पहचान दी है। यह अभियान अब केवल प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि जनभागीदारी का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है।