Thursday, 23 April 2026

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान चुनाव हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट पोलिंग बूथ पर फर्जी मतदान: अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी ने अशोक नगर पुलिस थाना को दी शिकायत


बार काउंसिल ऑफ राजस्थान चुनाव हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट पोलिंग बूथ पर फर्जी मतदान: अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी ने अशोक नगर पुलिस थाना को दी शिकायत

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

जयपुर। राज्य की वकीलों की सर्वोच्च संस्था बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (BCR) के आठ साल बाद हो रहे चुनाव में बुधवार को बड़ा बवाल हो गया। राजस्थान हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट स्थित पोलिंग बूथ पर फर्जी मतदान, अव्यवस्था और अनियमितताओं के आरोपों के चलते मतदान रद्द कर दिया गया। हाईकोर्ट पोलिंग बूथ पर फर्जी मतदान की शिकायत सामने आने के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि गड़बड़ी उजागर होने पर कुछ लोगों ने मतपत्र फाड़ दिए, ताकि यह स्पष्ट न हो सके कि मतदान किस प्रत्याशी के पक्ष में हुआ था।

प्रत्याशियों और अधिवक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे अव्यवस्थित और अपारदर्शी बताया है। अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी ने इस मामले में अशोक नगर पुलिस थाना को शिकायत दी है। वहीं अधिवक्ता शेरसिंह महला ने बताया कि मतदान सुबह 8 बजे शुरू होना था, लेकिन करीब एक घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे पोलिंग बूथ पर भीड़ बढ़ गई और अव्यवस्था की स्थिति बन गई। बूथ के भीतर अनुशासनहीनता और खुलेआम वोट मांगने के आरोप भी लगे, जिससे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए। इन हालात को देखते हुए चुनाव संचालन समिति ने हाईकोर्ट बूथ का मतदान रद्द कर दिया।

मौके पर मौजूद अधिवक्ता सिद्धार्थ जैन मूथा के अनुसार मतदान में देरी के कारण हाईकोर्ट की बेसमेंट पार्किंग में बने पोलिंग बूथ पर भारी भीड़ जमा हो गई। सुबह करीब 10:45 बजे कई मतदाताओं को मतपत्र नहीं मिल रहे थे, जबकि कुछ वकीलों के पास एक से अधिक मतपत्र पाए गए। शिकायत के बावजूद मतदान जारी रखा गया। इसी दौरान मतपत्र फाड़े जाने की घटना सामने आई। सूचना मिलने पर प्रत्याशी और उनके समर्थक मौके पर पहुंचे, जहां धक्का-मुक्की और नारेबाजी शुरू हो गई। पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति संभालनी पड़ी। हंगामा करीब सवा घंटे तक चला और दोपहर 12 बजे जाकर स्थिति शांत हुई।

महिला मतदाताओं के लिए अलग व्यवस्था नहीं होने से भी परेशानी हुई। कई महिला अधिवक्ताओं ने मतदान केंद्र पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने की शिकायत की। इससे चुनाव व्यवस्था पर और सवाल उठने लगे।

अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है। इनमें मतदान समय पर शुरू नहीं होने के कारण, उंगली पर लगाने वाली स्याही की खरीद और गुणवत्ता, जारी और उपयोग किए गए मतपत्रों का पूरा विवरण, किन-किन लोगों को मतपत्र जारी किए गए, फाड़े गए मतपत्रों के संबंध में सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करना, सभी मतपत्रों को सील करना और मौके पर मौजूद संभावित जिम्मेदार लोगों की पहचान करना शामिल है।

वहीं सांगानेर पोलिंग बूथ पर भी मतदान की गोपनीयता को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बीसीआर सदस्य प्रत्याशी अधिवक्ता प्रहलाद शर्मा, हनुमान शर्मा और राम मनोहर शर्मा ने रिटर्निंग अधिकारी से शिकायत कर बताया कि बैलट पेपर पर अंकित क्रमांक के जरिए मतदाता की पहचान संभव है, जिससे वोट की गोपनीयता प्रभावित हो रही है। अधिवक्ताओं ने सांगानेर बूथ का चुनाव भी रद्द करने की मांग की है।

इस पूरे घटनाक्रम ने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर चुनाव संचालन समिति और पुलिस जांच पर टिकी है कि आगे क्या कार्रवाई होती है।

Previous
Next

Related Posts