



राजस्थान की चर्चित एसआई भर्ती परीक्षा-2021 को लेकर कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। हाईकोर्ट द्वारा भर्ती रद्द करने के फैसले के खिलाफ चयनित सब इंस्पेक्टर्स ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। याचिका में चयनित अभ्यर्थियों ने मांग की है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के बजाय केवल उन उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिन्होंने नकल या पेपरलीक के जरिए परीक्षा पास की है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि वैध तरीके से चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। उनका कहना है कि कुछ लोगों की गलती की सजा सभी चयनित उम्मीदवारों को देना उचित नहीं है और इससे उनके भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषियों को अलग किया जाए और ईमानदारी से चयनित अभ्यर्थियों को सेवा में बनाए रखा जाए।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में मई के दूसरे सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है। दूसरी ओर, भर्ती से वंचित अभ्यर्थियों की ओर से पहले ही कैविएट दायर की जा चुकी है। एडवोकेट हरेंद्र नील के माध्यम से दायर इस कैविएट का अर्थ है कि सुप्रीम कोर्ट कोई भी आदेश पारित करने से पहले उनके पक्ष को भी सुनेगा।
गौरतलब है कि राजस्थान हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने 4 अप्रैल को सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखते हुए एसआई भर्ती-2021 को रद्द कर दिया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने यह निर्णय पेपरलीक और अनियमितताओं के आरोपों को ध्यान में रखते हुए दिया था। इससे पहले सिंगल बेंच ने 28 अगस्त 2025 को ही भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया था।
अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अंतिम निर्णय से हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ेगा। सभी पक्षों की दलीलों के बाद ही कोर्ट इस महत्वपूर्ण मामले में अपना फैसला सुनाएगा।