



जोधपुर। राजस्थान की महत्वाकांक्षी रिफाइनरी परियोजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ने पूर्व मुख्यमंत्रीअशोक गहलोत के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए इसे पूरी तरह भ्रामक, तथ्यों से परे और अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास बताया है। राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में यह परियोजना धीमी गति, अस्पष्ट नीतियों और गलत निर्णयों के कारण वर्षों तक लटकी रही, जिससे लागत में भारी वृद्धि हुई और राज्य को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय रिफाइनरी परियोजना के लिए कोई स्पष्ट वित्तीय मॉडल तैयार नहीं किया गया था और न ही समय पर आवश्यक निर्णय लिए गए। इसके चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और निवेशकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने पारदर्शी नीतियों और ठोस निर्णयों के जरिए परियोजना को गति दी है, जिससे अब प्रदेश को इसका वास्तविक लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती समझौते के तहत राजस्थान सरकार को 15 वर्षों तक प्रति वर्ष ₹3,736 करोड़ बिना ब्याज के संबंधित कंपनी को देना था, जो राज्य के हितों के विपरीत था। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस समझौते में व्यापक सुधार किए और इस वित्तीय बोझ को कम करते हुए लगभग ₹40,000 करोड़ की बचत सुनिश्चित की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल घोषणाएं और शिलान्यास करने से परियोजनाएं पूरी नहीं होतीं। उनके अनुसार, वर्ष 2013 में न तो भूमि अधिग्रहण पूर्ण था और न ही पर्यावरणीय स्वीकृतियां ली गई थीं, जिसके कारण परियोजना पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हो सका। भाजपा सरकार ने इन सभी बाधाओं को दूर करते हुए परियोजना को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में राज्य का वित्तीय योगदान लगभग ₹16,845 करोड़ तक सीमित कर दिया गया है, जिससे राज्य के संसाधनों पर दबाव कम हुआ है। राठौड़ के अनुसार, अब इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे—जहां पहले 10 से 30 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना थी, वहीं अब करीब 90 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता केवल परियोजना को पूरा करना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने गहलोत को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि भाजपा हर मुद्दे पर तथ्यों और शोध के आधार पर अपनी बात रखती है।