



जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. करोड़ी लाल मीणा का एक अलग ही जनसंपर्क मॉडल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वे नियमित रूप से जयपुर के एयरपोर्ट रोड स्थित एक साधारण चाय की थड़ी पर पहुंचकर प्रदेशभर से आने वाले लोगों की समस्याएं सुनते हैं और मौके पर ही उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हैं। यह पहल उन्हें आम जनमानस के बीच एक सहज और सुलभ नेता के रूप में स्थापित कर रही है।
मंत्री का यह अनौपचारिक लेकिन प्रभावी तरीका पारंपरिक दफ्तर आधारित व्यवस्था से अलग माना जा रहा है, जहां आम लोगों को अक्सर अपनी समस्याएं रखने के लिए लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। चाय की थड़ी जैसे खुले स्थान पर लोगों से सीधे संवाद स्थापित कर वे प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम करने का प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान विभिन्न जिलों से आए लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे मंत्री के सामने रखते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पहल को सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य मंत्री भी इसी तरह जमीनी स्तर पर लोगों से संवाद स्थापित करें, तो शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बन सकती है। इससे आम जनता को त्वरित राहत मिलने के साथ-साथ प्रशासनिक पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की यह कार्यशैली न केवल उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिला रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से शासन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।