



दिल्ली। करौली-धौलपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद भजन लाल जाटव का राष्ट्रीय राजनीति में प्रभाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब कांग्रेस में चल रहे संगठनात्मक संकट और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय पर्यवेक्षक टीम का गठन किया है, जिसमें भजन लाल जाटव को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सहमति से इस विशेष टीम का गठन किया है। टीम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन और पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीनाक्षी नटराजन भी शामिल हैं। तीनों नेताओं को पंजाब का दौरा कर वहां की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट कांग्रेस नेतृत्व को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट के आधार पर पंजाब कांग्रेस के संगठन में संभावित बदलाव, नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। ऐसे में भजन लाल जाटव की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।
पंजाब कांग्रेस इस समय अंदरूनी गुटबाजी और नेतृत्व संघर्ष से जूझ रही है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी संगठन को मजबूत करने, विभिन्न गुटों में सामंजस्य स्थापित करने और जमीनी स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी इस पर्यवेक्षक टीम को दी गई है। हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन और आम आदमी पार्टी की बढ़ती राजनीतिक ताकत ने भी कांग्रेस नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भजन लाल जाटव को इस महत्वपूर्ण टीम में शामिल किया जाना कांग्रेस नेतृत्व के उनके प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है। राजस्थान में जमीनी राजनीति से जुड़े नेता के रूप में उनकी पहचान और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उन्हें पंजाब जैसे संवेदनशील राज्य में जिम्मेदारी दी गई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, टीम पंजाब में विभिन्न नेताओं, कार्यकर्ताओं और संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। इसके बाद तैयार की गई रिपोर्ट कांग्रेस नेतृत्व के लिए आगामी रणनीति तय करने का आधार बनेगी।
