



जयपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए उनके ‘इंतजार शास्त्र’ वाले बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तिवाड़ी ने कहा कि भारत में शास्त्र जैसे पवित्र शब्द की अपनी गरिमा है और उसके साथ इस तरह के शब्द जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि गहलोत अपनी भावनाएं व्यक्त करना चाहते हैं तो ‘इजहार नामा’ कर सकते हैं, न कि शास्त्र जैसे शब्द का प्रयोग करें।
तिवाड़ी ने गहलोत के राजनीतिक कार्यकाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब-जब वे मुख्यमंत्री बने, तब-तब पार्टी को नुकसान हुआ और सत्ता भाजपा के पास आई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में कांग्रेस नेतृत्व द्वारा गहलोत को साइडलाइन किया जा रहा है और वे अपनी उपेक्षा से हताश होकर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं।
तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं हुईं, जिससे युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं जैसे ईआरसीपी और यमुना जल समझौता भी लंबित रहे। साथ ही जेजेएम घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय मंत्री और अधिकारी तक जेल पहुंचे।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार ने चिकित्सा सुविधाओं में तेजी से विस्तार किया है। उनके अनुसार, जहां गहलोत सरकार ने पांच साल में सीमित भर्तियां कीं, वहीं वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में बड़ी संख्या में भर्तियां और नए अस्पतालों की स्थापना की है।
तिवाड़ी ने यह भी आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने चुनावी वर्ष में बड़ी संख्या में घोषणाएं तो कीं, लेकिन उनके लिए बजट प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गईं और जमीन पर उनका क्रियान्वयन नहीं हुआ।
इसके साथ ही उन्होंने जोधपुर क्षेत्र की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई बड़ी घोषणाओं के बावजूद खर्च और कार्यान्वयन नहीं हुआ, जबकि वर्तमान सरकार ने विकास कार्यों को गति दी है और लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है।
तिवाड़ी ने अंत में कहा कि सोशल मीडिया पर गलत तथ्यों के साथ बयान देना उचित नहीं है और इससे जनता में भ्रम फैलता है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है और विकास के रोडमैप पर तेजी से आगे बढ़ रही है।