



जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गहलोत का राजनीतिक समय अब समाप्त हो चुका है और उन्हें नई पीढ़ी को अवसर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि “इंतजार शास्त्र” छोड़कर अब उन्हें संतोष के मार्ग पर चलते हुए सक्रिय राजनीति से दूरी बनानी चाहिए।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगातार कमजोर हुई है और कई राज्यों में उसकी स्थिति गिरती गई। उन्होंने कहा कि गहलोत का बार-बार दिल्ली जाना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस में निर्णय स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि हाईकमान द्वारा लिए जाते हैं, जिससे संगठन कमजोर होता है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि पार्टी में वंशवाद की राजनीति हावी है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व योग्यता और जनसेवा के आधार पर तय होना चाहिए, न कि परिवारवाद के आधार पर।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पार्टी के पास सक्षम एवं प्रशिक्षित महिला नेतृत्व मौजूद है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग अपने परिवार तक ही सीमित रह गए हैं।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर राठौड़ ने कहा कि यह नया विषय नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय भी समय-समय पर इसकी आवश्यकता पर जोर देता रहा है। उन्होंने कहा कि “एक देश, एक कानून” विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है।
उन्होंने जानकारी दी कि भाजपा 6 अप्रैल को अपना स्थापना दिवस पूरे प्रदेश में उत्सव के रूप में मनाएगी, जिसमें मंडल से लेकर बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने आगामी चुनावों में भाजपा की मजबूत जीत का दावा करते हुए संगठन को और सशक्त बनाने की बात कही।