



जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित प्रवेश परीक्षा को समाप्त करते हुए केवल इंटरव्यू के आधार पर प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों के लिए पीएचडी में प्रवेश की नई राह खुल गई है।
विश्वविद्यालय की कुलगुरु अल्पना कटेजा ने प्रवेश प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया है। समिति को सभी विभागों से रिक्त सीटों का विवरण जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष विभिन्न विभागों में पीएचडी की सीटों की संख्या 400 से अधिक रहने की संभावना है। अप्रैल माह तक सीटों का पूरा आंकलन कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि जून तक पूरी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र से शोध कार्य शुरू हो सके। इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों के अनुसार होगी, जिसमें केवल वे अभ्यर्थी पात्र होंगे जिन्होंने यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट या जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण की है।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं जैसे यूजीसी नेट, यूजीसी-सीएसआईआर नेट, गेट और सीड में प्राप्त पर्सेंटाइल के आधार पर अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। प्रत्येक विभाग में उपलब्ध सीटों के दोगुने अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इंटरव्यू कुल 100 अंकों का होगा।