



वैश्विक तेल संकट की आशंका के बीच राजस्थान तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 2.5 से 3 लाख इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं और अब चार्जिंग की समस्या को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। जयपुर की एक कंपनी राज्यभर में 5000 चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी कर रही है, जिससे शहरों में हर 300 से 500 मीटर के दायरे में चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
अमेरिका-ईरान तनाव के चलते तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में लोगों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ सकता है। परिवहन आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 2 से 2.5 लाख इलेक्ट्रिक स्कूटर, 70 से 80 हजार ई-रिक्शा, 6 से 8 हजार ई-ऑटो और 8 से 10 हजार इलेक्ट्रिक कारें संचालित हो रही हैं।
केंद्र सरकार के वाहन पोर्टल के अनुसार जुलाई 2023 तक प्रदेश में 1,75,595 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत थे, लेकिन इसके बाद रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है। केवल जनवरी 2026 में ही 6252 नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण हुआ है, जो इस क्षेत्र में बढ़ती मांग को दर्शाता है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ राजस्थान में EV सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे न केवल ईंधन पर निर्भरता कम होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।