



जयपुर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाओं में चयनित नवनियुक्त लोक सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे राज्य के नैतिक आधार स्तंभ हैं और उनकी कार्यशैली ही प्रशासन की दिशा तय करेगी। बिड़ला सभागार में हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवक जनता की समस्याओं को गहराई से समझें और उनका समयबद्ध समाधान करें, यही एक सफल और सम्मानित अधिकारी की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त अधिकारियों ने कठिन परिश्रम और समर्पण से यह सफलता प्राप्त की है, अब उनका दायित्व है कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने विकसित राजस्थान-2047 के विजन को साझा करते हुए कहा कि युवा अधिकारी राज्य को देश का नंबर एक राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पानी, ऊर्जा और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर और देवास परियोजना जैसे कार्यों से जल संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए हैं, जबकि 2027 तक प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
रोजगार के क्षेत्र में सरकार द्वारा 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के तहत अब तक 1.25 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और बड़ी संख्या में भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी लेने के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बनें। संवाद कार्यक्रम में नवनियुक्त अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और पेपर लीक पर नियंत्रण तथा समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया के लिए सरकार का आभार जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी लोक सेवकों को सुशासन की शपथ भी दिलाई।