



उदयपुर में भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो, ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म मामले में पुलिस चार्जशीट से बड़ा खुलासा हुआ है। अब तक आरोपी वकील विशाल गुर्जर पर एआई तकनीक से वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए जा रहे थे, लेकिन भूपालपुरा थाना पुलिस द्वारा एसीजेएम-4 कोर्ट में पेश चार्जशीट में एआई से वीडियो बनाए जाने का कहीं भी उल्लेख नहीं है।
चार्जशीट के अनुसार आरोपी के पास से जब्त मेमोरी कार्ड और पेनड्राइव में 20 से अधिक फोल्डर और उनमें तारीखवार सबफोल्डर मिले हैं, जिनमें कई वीडियो क्लिप मौजूद हैं। अनुमान है कि आरोपी के पास तीन दर्जन से अधिक वीडियो क्लिप थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त किया है। हालांकि वीडियो की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं बताई गई है।
एफआईआर दर्ज होने और आरोपी की गिरफ्तारी के 44 दिन बाद 27 मार्च को पेश की गई इस चार्जशीट में आरोपी के मोबाइल से बरामद वीडियो, उसके ऑफिस में लगाए गए स्पाई कैमरे और उनमें रिकॉर्ड गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें 80 दस्तावेजों की सूची के साथ जांच अधिकारी डीएसपी गोपाल चंदेल समेत 12 गवाहों को शामिल किया गया है।
चार्जशीट से यह भी स्पष्ट हुआ है कि वीडियो नष्ट किए जाने की बात गलत थी और सभी वीडियो पुलिस के पास सुरक्षित हैं। साथ ही, यह भी सामने आया कि मामले की जांच डीएसपी गोपाल चंदेल द्वारा ही की गई, जबकि बीच में जांच अधिकारी बदलने की चर्चा सामने आई थी। सबसे अहम बात यह है कि वीडियो की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच का भी कोई उल्लेख नहीं किया गया है। यदि वीडियो एआई जनरेटेड होते, तो उनकी जांच अनिवार्य मानी जाती। हालांकि आरोपी के मोबाइल से स्पाई कैमरे से जुड़े यूआरएल मिलने की पुष्टि हुई है, जिनकी जांच जारी है।