Saturday, 28 March 2026

चौंप क्रिकेट स्टेडियम पर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का हमला: ‘इंतज़ारशास्त्र’ में उठाए ठप्प पड़े प्रोजेक्ट के सवाल


चौंप क्रिकेट स्टेडियम पर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का हमला: ‘इंतज़ारशास्त्र’ में उठाए ठप्प पड़े प्रोजेक्ट के सवाल

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोलते हुए जयपुर के पास चौंप गांव में बन रहे विश्व के तीसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम परियोजना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपनी चर्चित ‘इंतज़ारशास्त्र’ सीरीज के छठे अध्याय में गहलोत ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते यह महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट अब ठंडे बस्ते में चला गया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस स्टेडियम की आधारशिला रखी गई थी और इसे 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन 36 महीने बीत जाने के बावजूद परियोजना अधूरी पड़ी है। गहलोत ने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद खिलाड़ियों को अपने ही प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं।

उन्होंने राज्य के खेल प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव पिछले दो वर्षों से नहीं हो पाए हैं, जिससे प्रशासनिक शून्यता बनी हुई है और क्रिकेट का भविष्य प्रभावित हो रहा है। गहलोत ने भजनलाल सरकार से अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक द्वेष को छोड़कर खिलाड़ियों के हित में काम किया जाए और इस परियोजना को जल्द पूरा किया जाए।

गौरतलब है कि अशोक गहलोत पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ‘इंतज़ारशास्त्र’ नामक सीरीज चला रहे हैं, जिसके माध्यम से वे अपनी सरकार के दौरान शुरू हुए उन प्रोजेक्ट्स को उजागर कर रहे हैं जो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कथित रूप से अधूरे या बंद पड़े हैं। यह सीरीज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। गहलोत ने इस मुद्दे को ‘खेल-विरोधी सोच’ से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी नीतियों के कारण राजस्थान का नाम खेल जगत में पीछे जा रहा है। वहीं, इस बयान के बाद अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या वास्तव में चौंप स्टेडियम परियोजना बजट या नीति संबंधी कारणों से रुकी हुई है या यह महज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है।

Previous
Next

Related Posts