


भरतपुर शहर में गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है, जिसके तहत अब होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में खाना कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बजाय पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) से पकाया जाएगा। रसद विभाग ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है और सभी संबंधित व्यवसायिक उपभोक्ताओं से पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य कॉमर्शियल उपयोग में होने वाली एलपीजी खपत को नियंत्रित कर घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराना है, क्योंकि पिछले कुछ समय से सिलेंडर की किल्लत के चलते आम लोगों को लंबी लाइनों में लगकर गैस लेनी पड़ रही थी।
नई व्यवस्था के तहत भरतपुर शहर में करीब 350 होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट संचालकों को पीएनजी कनेक्शन से जोड़ा जाएगा, जबकि जिलेभर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1000 तक है। रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी सक्रिय कॉमर्शियल गैस उपयोगकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से पीएनजी में शिफ्ट किया जाएगा। इस बदलाव से घरेलू गैस उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के लिए भी कॉमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। शहर में पीएनजी आपूर्ति का जिम्मा गेल गैस कंपनी को सौंपा गया है, जो नेटवर्क विस्तार और कनेक्शन प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर रही है।
जिले में कुल 24 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें 15 इंडेन, 15 एचपी और 5 बीपीसीएल एजेंसियां शामिल हैं। यहां कुल 3,47,060 उपभोक्ता हैं, जिनमें 1,88,764 सामान्य, 1,44,830 उज्ज्वला और 11,619 बीपीएल उपभोक्ता शामिल हैं। इसके अलावा जिले में कुल 4,53,728 राशन कार्डधारी परिवार हैं। जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल के अनुसार, सरकार के निर्देशानुसार सभी होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट संचालकों को पीएनजी कनेक्शन दिए जाएंगे। नई प्रक्रिया के तहत आवेदन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकते हैं, और आवेदन के 15 दिन से एक माह के भीतर कनेक्शन उपलब्ध करा दिया जाएगा।