



जयपुर। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं देश में महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन विशेष रूप से राजस्थान में तेजी से किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ‘संबल’ और ‘सामर्थ्य’ जैसी उप-योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ‘संबल’ के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर (OSC), महिला हेल्पलाइन 181, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नारी अदालत जैसी योजनाएं महिलाओं को सुरक्षा, त्वरित सहायता और न्याय उपलब्ध करा रही हैं। देशभर में 900 से अधिक वन स्टॉप सेंटर कार्यरत हैं, जो लाखों महिलाओं की मदद कर चुके हैं।
राजस्थान में बढ़ा योजनाओं का प्रभाव
मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में मिशन शक्ति के तहत पिछले तीन वर्षों में 15 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।
वर्ष 2022-23: 4,20,612 महिलाएं
वर्ष 2023-24: 2,03,066 महिलाएं
वर्ष 2024-25: 9,35,626 महिलाएं
वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से क्रमशः 5,870, 6,591 और 8,092 महिलाओं को सहायता मिली, जबकि महिला हेल्पलाइन के जरिए हजारों महिलाओं को मदद प्रदान की गई।
मातृत्व योजनाओं से मिला बड़ा लाभ
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत भी बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ मिला है।
2022-23: 4,05,991 महिलाएं
2023-24: 1,86,182 महिलाएं
2024-25: 9,16,684 महिलाएं
राठौड़ ने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
‘सामर्थ्य’ योजना से आर्थिक और सामाजिक मजबूती
उन्होंने बताया कि ‘सामर्थ्य’ उप-योजना के तहत शक्ति सदन, सखी निवास, पालना (क्रेच सुविधा) और संकल्प केंद्र जैसी योजनाएं महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य सशक्तिकरण को मजबूत कर रही हैं।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना (JSY), जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK), प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और सुमन योजना जैसी पहलें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार में अहम भूमिका निभा रही हैं।