



जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा नेताओं और मंत्रियों के परिवारों को लेकर तीखा बयान देते हुए नसीहत दी है कि वे अपने बेटों को सत्ता से दूर रखें। जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि जब से राज्य में नई सरकार बनी है, तब से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के बेटों को अनावश्यक प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे विवाद पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों, मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम को चाहिए कि वे अपने बेटों को सत्ता से दूर रखें, क्योंकि नजदीक रखने पर वे गलत गतिविधियों में शामिल होकर सरकार और परिवार की बदनामी कर सकते हैं।
विदेश मंत्री पर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर ‘दलाली’ शब्द का इस्तेमाल किया था। गहलोत ने कहा कि किसी भी विदेश मंत्री को इस प्रकार की भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति स्थापित करने के प्रयासों को इस तरह की भाषा से नहीं देखा जाना चाहिए। हर देश को वैश्विक शांति के लिए सहयोग करना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय स्थिति और देश की हालत पर चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज देश जिस दिशा में जा रहा है, वह चिंताजनक है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत थी, जबकि आज हालात बदलते नजर आ रहे हैं।
गैस संकट और सरकार पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने गैस की बढ़ती समस्या को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समय रहते तैयारी नहीं करने के कारण स्थिति विकट होती जा रही है और आम जनता प्रभावित हो रही है।उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हमेशा देर से निर्णय लेती है, जिससे संकट और गहरा जाता है।