Monday, 23 March 2026

पीएम किसान योजना में बड़ा घोटाला, फर्जी खातों से 440 करोड़ की ठगी उजागर,एसओ जी ने जांच शुरू की


पीएम किसान योजना में बड़ा घोटाला, फर्जी खातों से 440 करोड़ की ठगी उजागर,एसओ जी ने जांच शुरू की

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

जयपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें जालसाजों ने फर्जी भूमिधारक बनकर करीब 440 करोड़ रुपए हड़प लिए। यह खुलासा राज्य स्तर पर कराए गए सर्वे में हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य और केंद्र सरकार ने करीब 6 लाख संदिग्ध किसानों की पहचान कर उनकी किस्त रोक दी है।

इस मामले की जांच अब एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) को सौंप दी गई है। झालावाड़ में दर्ज एफआईआर को भी जांच के लिए एसओजी के पास भेजा है, जहां डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर जांच की जा रही है। हालांकि, अन्य जिलों में दर्ज पुरानी एफआईआर अभी भी थानों में लंबित पड़ी हैं।

अब इन संदिग्ध खातों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिसके लिए केंद्र सरकार एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार कर रही है। जांच में पाया गया कि जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं है या जिनके रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के बाद दोबारा सक्रिय किए गए, उन्हें संदिग्ध माना गया है।

सर्वे में सामने आया कि राज्य स्तर पर करीब 2 लाख और केंद्र स्तर पर 4 लाख खातों को संदिग्ध पाया गया है। इनमें से कई खाते कॉमन भी हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक ही मोबाइल नंबर से 2 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन किए गए, जिनमें से 95% फर्जी पाए गए।

इसके अलावा रात के समय किए गए 23,942 आवेदनों में से 85% गलत पाए गए, जिससे 54 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों से मिले 52,992 डेटा में से 80% फर्जी पाए गए, जिनसे करीब 14 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई। कुल मिलाकर 3,98,295 संदिग्ध मामलों में से 56.67% गलत पाए गए, जिससे 440 करोड़ रुपए की गड़बड़ी उजागर हुई है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में इस योजना की शुरुआत की थी, जिसमें किसानों को सालाना 6,000 रुपए दिए जाते थे, जबकि राज्य सरकार की ओर से 3,000 रुपए अतिरिक्त जोड़ने के बाद अब किसानों को कुल 9,000 रुपए प्रतिवर्ष मिलते हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और गलत तरीके से ली गई राशि की वसूली भी की जाएगी।

Previous
Next

Related Posts