



जयपुर। जयपुर पुलिस के हत्थे चढ़े नकली किन्नर गिरोह से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने यूट्यूब वीडियो देखकर किन्नरों की बोल-चाल, हाव-भाव, आशीर्वाद और बद्दुआ देने तक की पूरी एक्टिंग सीखी थी। गिरोह के सदस्य साड़ी-ब्लाउज पहनने, मेकअप करने, नकली बाल लगाने और शरीर की बनावट तक का विशेष ध्यान रखकर खुद को असली किन्नर जैसा दिखाते थे।
पुलिस के अनुसार गिरोह का संचालन एक असली किन्नर माही सैनी के इशारे पर होता था, जिसे सरगना बनाया था। बदले में वसूली की रकम का एक हिस्सा ‘गुरु दक्षिणा’ के रूप में उसे दिया जाता था। गिरोह दिल्ली-अजमेर हाईवे और शहर के प्रमुख सिग्नल्स पर सक्रिय था और बद्दुआ देने के नाम पर लोगों को डराकर हर महीने लाखों रुपए की वसूली करता था।
एसीपी (वैशाली नगर) अनिल शर्मा के मुताबिक, 16 मार्च को करणी विहार थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें माही सैनी सहित कई युवक शामिल हैं, जो नकली किन्नर बनकर वसूली करते थे। जांच में सामने आया कि गिरोह के हर सदस्य का रोजाना करीब 5 हजार रुपए का वसूली टारगेट तय था।
गिरोह खास तौर पर उन वाहनों को निशाना बनाता था, जिनमें महिलाएं, बच्चे या परिवार के सदस्य होते थे। नवविवाहित जोड़ों को हाथों की मेहंदी या नई गाड़ी देखकर टारगेट किया जाता था और उनसे ज्यादा रकम वसूली जाती थी। मनमुताबिक पैसे नहीं मिलने पर आरोपी गाली-गलौज करते, गाड़ियों के शीशे पीटते और बदसलूकी तक पर उतर आते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के ज्यादातर सदस्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से जुड़े हुए हैं, जो मजदूरी छोड़कर ज्यादा कमाई के लालच में इस धंधे में शामिल हुए। पुलिस कार्रवाई के बाद पकड़े जाने की डर से कई गिरोह नकली किन्नर शहर और हाईवे अंडरग्राउंड हो गए हैं।