



जयपुर। फलोदी में अधिकारियों को कथित तौर पर धमकी देने के मामले ने राजस्थान की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर तीखा हमला बोलते हुए उनके बयान को स्तरहीन करार दिया है।
जूली ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने और प्रथम बार के विधायक भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाए जाने से गजेंद्र सिंह शेखावत हताश हैं, जिसके चलते उनका व्यवहार अधिकारियों के प्रति ठीक नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार पर भी इस पूरे मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार “मुंह में दही जमाकर बैठी हुई है।”
नेता प्रतिपक्ष ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को डराना-धमकाना भाजपा की प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शेखावत पहले भी जोधपुर ग्रामीण के तत्कालीन एसपी के खिलाफ पत्र लिख चुके हैं।
जूली ने कहा कि सरकार की चुप्पी कायरतापूर्ण है और यह प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के हितों के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे किसी भी दबाव में आए बिना संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और आश्वस्त किया कि वे उनके साथ खड़े रहेंगे।
शनिवार को फलोदी जिले के बापिणी में आयोजित जनसुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि किसी कार्यकर्ता के साथ बदतमीजी की गई या उसका काम रोका गया तो “एक फोन कॉल पर उनकी नौकरी और जिंदगी दोनों खराब कर दूंगा।” इस बयान के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।