



जयपुर में रेड लाइट पर किन्नरों के भेष में पैसे मांगने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। चित्रकूट इलाके में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 9 लोगों को पकड़ा, जिनमें से 8 हट्टे-कट्टे युवक निकले जो साड़ी पहनकर और मेकअप कर खुद को किन्नर बताकर लोगों से पैसे वसूल रहे थे। जांच में सामने आया कि गिरोह में केवल एक ही असली किन्नर थी, जो बाकी युवकों को ‘प्रोफेशनल ट्रेनिंग’ देकर इस धंधे में शामिल कर रही थी।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से आए युवकों का था, जिन्हें मोटी कमाई के लालच में इस काम में लगाया गया। किन्नर माही नाम की महिला उन्हें साड़ी पहनने, मेकअप करने और किन्नरों जैसा व्यवहार करने की ट्रेनिंग देती थी, साथ ही वसूली का टारगेट तय कर कमीशन भी लेती थी। आरोपी रोजाना 5 से 6 हजार रुपए तक कमा लेते थे और कम मेहनत में ज्यादा कमाई के कारण इस रास्ते को अपनाया।
जयपुर-अजमेर रोड और 200 फीट बाईपास पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने सादा वर्दी में निगरानी कर इस गैंग को पकड़ा। डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद ने बताया कि मेडिकल जांच में आरोपियों की असली पहचान सामने आई है और यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह कब से सक्रिय था और इसके तार अन्य अपराधों से जुड़े हैं या नहीं। पुलिस अब इस नेटवर्क के विस्तार और संभावित आपराधिक गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।