



जयपुर। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत राजस्थान में नियुक्त जिलाध्यक्ष करीब चार महीने बाद भी अपनी जिला कार्यकारिणी घोषित नहीं कर सके हैं, जिससे पार्टी संगठन की गति पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रदेश के 50 संगठनात्मक जिलों में चरणबद्ध तरीके से जिलाध्यक्षों की नियुक्ति 22 नवंबर 2025 को की गई थी और दावा किया गया था कि 15 दिनों के भीतर कार्यकारिणियां गठित कर दी जाएंगी, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। शुरुआत में हर जिले में 71 सदस्यीय कार्यकारिणी बनाने का प्रस्ताव था, जिसे बाद में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने संशोधित करते हुए चार विधानसभा क्षेत्रों तक वाले जिलों में 31 सदस्यीय और अधिक क्षेत्रों वाले जिलों में 51 सदस्यीय कार्यकारिणी का प्रावधान कर दिया। इससे पहले कई जिलों ने 7 सदस्यीय प्रारंभिक सूचियां भेज दी थीं, जिन्हें अब नए निर्देशों के अनुसार संशोधित किया जा रहा है, लेकिन अंतिम सूची दिल्ली भेजने से पहले ही प्रक्रिया अटक गई है।
बताया जा रहा है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के टलने के कारण भी कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया धीमी हो गई है। हालांकि अधिकांश जिलाध्यक्षों ने प्रस्ताव पीसीसी को भेज दिए हैं, लेकिन अब प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जिलाध्यक्षों से चर्चा कर यह सुनिश्चित करेंगे कि सूची तैयार करने से पहले वरिष्ठ नेताओं से परामर्श लिया गया है या नहीं। इसके साथ ही एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के संतुलित प्रतिनिधित्व की भी समीक्षा की जाएगी। अंतिम रूप से स्वीकृत सूची दिल्ली स्थित कांग्रेस आलाकमान को भेजी जाएगी, जहां परीक्षण के बाद जिला कार्यकारिणियों की घोषणा की जाएगी।