



सीकर/खाटूश्यामजी। देश के प्रमुख आस्था केंद्र खाटूश्यामजी मंदिर को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। गाजियाबाद पुलिस द्वारा एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किए जाने के बाद सामने आया है कि आरोपियों ने मंदिर परिसर और आसपास के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान तक भेजे थे।
पुलिस जांच के अनुसार कौशांबी क्षेत्र से पकड़े गए इस नेटवर्क के 6 आरोपियों के मोबाइल फोन से देश के कई धार्मिक स्थलों की संवेदनशील जानकारी मिली है, जिनमें खाटूश्यामजी मंदिर भी शामिल है। आरोपियों को पाकिस्तान से ऑनलाइन प्रशिक्षण, फंडिंग और निर्देश मिल रहे थे। जांच एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया है कि देश के विभिन्न स्थानों पर करीब 50 संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी लगाने की योजना बनाई जा रही थी, जिसमें मंदिर, सैन्य क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल थे।
इस खुलासे के बाद खाटूश्यामजी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। मंदिर परिसर और कस्बे में पहले से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है, खासकर फाल्गुन मेले के दौरान यहां लाखों लोग पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बाहरी लोगों के सत्यापन, होटल-धर्मशालाओं में ठहरने वालों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की मांग पहले भी उठाई थी।
इतिहास में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब अन्य राज्यों के वांछित अपराधी खाटूश्यामजी में छिपकर फरारी काटते हुए पकड़े गए हैं। इससे यह क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं। खाटूश्यामजी के उप पुलिस अधीक्षक राव आनंद ने बताया कि क्षेत्र में होटल, धर्मशालाओं और गेस्ट हाउस की नियमित जांच की जा रही है तथा मकान मालिकों को किराएदारों का अनिवार्य सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
यह मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, वहीं प्रशासन इस दिशा में सख्त कदम उठाने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।